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Rose Day 2021 Shayari | Happy Rose Day Shayari In Hindi | रोज डे शायरी

Rose Day Shayari | Happy Rose Day Shayari In Hindi | रोज डे शायरी


बड़े ही चुपके से भेजा था
मेरे महबूब ने मुझे एक गुलाब
कम्बख्त उसकी खुशबू ने
सारे शहर में हंगामा कर दिया
Happy Rose Day 



चेहरा आपका खिला रहे गुलाब की तरह
नाम आपका रोशन रहे आफताब की तरह
ग़म में भी आप हँसते रहे फूलों की तरह
अगर हम इस दुनिया में न रहें आज की तरह
Happy Rose Day


गुलाब खिलते रहे ज़िंदगी की राह् में
हँसी चमकती रहे आप कि निगाह में
खुशी कि लहर मिलें हर कदम पर आपको
देता हे ये दिल दुआ बार–बार आपको
Happy Rose Day


गुलाब खिलते रहे ज़िंदगी की राह् में
हँसी चमकती रहे आप कि निगाह में
खुशी कि लहर मिलें हर कदम पर आपको
देता हे ये दिल दुआ बार–बार आपको
Happy Rose Day



गुलाब से पूछो कि
दर्द क्या होता है
देता है पैगाम मोहब्बत का
और खुद कांटो में रहता है
Happy Rose Day
*****

काटें तो आने ही थे हमारे नसीब में
हमने यार भी तो गुलाब जैसा चुना था
Happy Rose Day

सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती
तो माली सारे ‘शहर’ का महबूब बन जाता
Happy Rose Day
*****
खुशबू में डूब जायेंगी यादों की डालियाँ
होंठों पे फूल रख के कभी सोचना मुझे
Happy Rose Day

Rose Day Shayari | Happy Rose Day Shayari In Hindi | रोज डे शायरी

पगली तू
गुलाब के फूल जैसी है…
जिसे में
तोड़ भी नही सकता और
छोड़ भी नही सकता
Happy Rose Day
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आप मिलते नही Roz Roz
आपकी याद आती है हर Roz
हमने भेजा है Red Roz
जो आपको
हमारी याद दिलायेगा हर Roz
हेप्पी रोज़ डे

सालों बाद न जाने क्या समां होगा
हम सब दोस्तों में से न जाने कौन कहाँ होगा
फिर मिलना हुआ तो मिलेंगे ख्बाबों में
जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में
Happy Rose Day
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सारी उम्र में एक पल भी आराम का न था
वो जो दिल मिला किसी काम का न था
कलियाँ खिल रही थी हर गुलाब था ताज़ा
मगर कोई भी गुलाब मेरे नाम का न था
Happy Rose Day
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पत्ती , पत्ती गुलाब बन जाती
हर कली मेरा ख्वाब बन जाती
अगर आप डाल देती अपनी महकदा नज़रे इन पर
तो सुबह की ओस भी शराब बन जाती
Happy Rose Day

एक दिल मेरे दिल को ज़ख़्म दे गया
ज़िन्दगी भर जीने की कसम दे गया
लाखों फूलो में से एक गुलाब चुना हमने
जो काँटों से भी गहरी चुभन दे गया
Happy Rose Day

आज सोचा के आपको जवाब में क्या दूँ
आप जैसे लोगो को खिताब क्या दूँ
कोई और फूल हो तो मुझ को नहीं मालूम
जो खुद ग़ुलाब हो उसे क्या ग़ुलाब क्या दूँ
Happy Rose Day

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